Highlights
- तिराना में प्रदर्शन के छठे दिन हालात और बिगड़ गए
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, पेट्रोल बम से भी अटैक
- इटली में भी हजारों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे
तिराना: अल्बानिया भी प्रदर्शन की आग में जल रहा है। राजधानी तिराना में प्रदर्शन के छठे दिन हालात और बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, पेट्रोल बम से अटैक किया, स्मोक बम से हमला किया। सड़कों पर जगह जगह धुआं उठता नजर आया।
प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस भी डटी रही। उन पर आंसू गैस के गोले दागे, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। कई जगह प्रोटेस्टर्स पुलिस से भिड़ते दिखे, इतना ही नहीं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, सरकारी इमारतों और बैंकों पर हमला किया, दुकानों के शीशे तोड़े और आग लगा दी।
अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडि रामा ने आरोप लगाया- "हिंसक प्रदर्शन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ"
ये हिंसा तब और बढ़ गई, जब हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र भी सरकार विरोधी आंदोलन में शामिल हो गए। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडि रामा ने आरोप लगाया कि हिंसक प्रदर्शन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले एक ऐसे ड्रोन को मार गिराया है, जिसमें विस्फोटक लदे थे, इस ड्रोन के जरिए पीएम ऑफिस के इनर कोर्टयार्ड में हमला करना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो।
पीएम एडि रामा ने कहा इस तरह की हिंसक सोच किसी स्टूडेंट या युवा की नहीं हो सकती। ये किसी बाहरी ताकत का ही काम है। कई दिन से प्रदर्शनकारी पीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वो शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार के खिलाफ हैं।
हंगामे के दौरान 167 लोगों को गिरफ्तार किया गया
पुलिस के मुताबिक हंगामे के दौरान 167 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 132 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पीएम एडि रामा प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपील की है कि प्रदर्शनकारी आए, खुलकर हर मुद्दे पर बात करें लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया है। एडी रामा 2013 से सत्ता में हैं और अपना चौथा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
अल्बानिया में विरोध की मुख्य वजह क्या है?
अल्बानिया में विरोध की मुख्य वजह भ्रष्टाचार के आरोप हैं। पर्यावरण की परवाह किए बगैर लक्जरी टूरिज्म के लिए अप्रूव की गई योजनाओं का विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी पदों पर बैठे लोगों ने भ्रष्टाचार किया लेकिन ये एक तरह की सियासी लड़ाई है। जिसमें विरोधी दलों के साथ-साथ एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट भी शामिल हैं।
इटली में भी हजारों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे
इटली में महंगाई बम फूट चुका है। हजारों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। रोम के बाद इटली के दूसरे सबसे बड़े शहर मिलान में प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में लूटपाट की। सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की। आग लगा दी। पुलिस को भीड़ कंट्रोल करने के लिए टियर गैस छोड़नी पड़ी लेकिन प्रदर्शनकारी इससे भी नहीं रुके।
अलग-अलग इलाकों में हिंसा जारी रही। दरअसल खाड़ी में युद्ध के बाद इटली में महंगाई जबरदस्त बढ़ चुकी है। लोग शनिवार को पहली बार इसके विरोध में सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में ये प्रोटेस्ट पीसफुल थे लेकिन बाद में अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह झड़प हुई। पुलिस ने मिलान शहर में 160 लोगों को डिटेन किया। इसमें 80 परसेंट नाबालिग थे। इससे लोगों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।
ये भी पढ़ें-